जिम्मेदारों का ध्यान नहीं ,न एक्सपायरी न पैकेजिंग नियमों का पालन बिक रहा ‘धीमा जहर’ मात्र 5 रूपए में -बच्चे,बडे सभी चाव से खाकर सेहत से खिलवाड कर रहे

उज्जैन । स्वादिया स्नेक्स के रूप में अधिकांश खाद्य सामग्री मात्र 5 रूपए में बाजार में उपलब्ध है। छोटी-मोटी दुकानों पर इनका जमकर विक्रय किया जाता है। पारदर्शी पालिथीन में सीधे तौर पर यह धीमा जहर बेचा जा रहा है। इसे लेकर खाद्य प्रशासन विभाग अपनी जिम्मेदारी के प्रति सीधे तौर पर नजरअंदाजी कर रहा है। न तो इन पैकिंगों पर पैकेजिंग नियमों का पालन किया जा रहा है न ही उपभोक्ता के लिए जानने वाली जानकारी ही इन पर अंकित होती है।जिले भर में शहर ही नहीं गांव-गांव ,गली –गली छोटी मोटी दुकानों के साथ ही कई खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के यहां पारदर्शी पालिथीन में सीधे तौर पर खाद्य सामग्री बेची जा रही है। इनमें पांच रुपए में मिलने वाले सस्ते कुरकुरे, नमकीन और चटपटे स्नैक्स शामिल हैं। गली-मोहल्लों में स्कूलों के आसपास और किराना दुकानों पर इनका विक्रय  धड़ल्ले से किया जा रहा हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से अधिकांश खाद्य पदार्थों पर न तो एक्सपायरी डेट दर्ज है और न ही निर्माण तिथि। इनके अलावा कुछ रंगीन पैकिंगों पर मात्र नाम होता है। जानकारों एवं चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के सस्ते और अमानक खाद्य पदार्थों में घटिया तेल, सिंथेटिक रंग, अधिक नमक और क्रिस्पी बनाने के लिए रसायनों का उपयोग किया जाता है।  ये बच्चों में पेट दर्द, गैस और अपच, उल्टी-दस्त और फूड प्वाइजनिंग, लिवर व किडनी पर असर, मोटापा और हार्मोनल असंतुलन, एकाग्रता की कमी और व्यवहार संबंधी समस्याएं जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। लंबे समय तक सेवन करने पर ये गंभीर बीमारी भी दे सकते हैं।नियम तार-तार,विभाग की नजरअंदाजी-पैकेजिंग नियमों के तहत जानकारी अंकित नहीं होती है। अहम सवाल यह उठता है कि ये सामग्री कहां बन रही है, कैसे बन रही है और इसमें क्या मिलाया जा रहा है। इसकी कोई जानकारी नहीं है।इसके बावजूद खाद्य प्रशासन विभाग इसे लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। अव्वल तो अब तक इसे नजरअंदाज ही किया जा रहा है।सीधे तौर पर नियम का उल्लंघन-खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत किसी भी खाद्य पदार्थ पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी बेस्ट बिफोर डेट, निर्माता का नाम और पता, लाइसेंस नंबर सामग्री की जानकारी देना अनिवार्य है। इसके साथ ही टोल फ्री नंबर,ई-मेल का अंकित होना भी जरूरी है।

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